Post office FD Scheme 2026: पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम भारतीय निवेशकों के बीच हमेशा से एक भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश विकल्प रही है। साल 2026 में इस योजना को लेकर नई जानकारियां सामने आ रही हैं जो निवेशकों के लिए काफी उत्साहवर्धक हैं। खासतौर पर 1 लाख रुपये की एफडी पर 8.2 प्रतिशत तक की वार्षिक ब्याज दर मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह दर बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं की तुलना में काफी आकर्षक मानी जा रही है।
वर्तमान समय में जब बाजार में उतार-चढ़ाव लगातार बना रहता है और शेयर बाजार में जोखिम की संभावना अधिक होती है, ऐसे में सुरक्षित और गारंटीड रिटर्न देने वाली योजनाओं की मांग बढ़ती जा रही है। पोस्ट ऑफिस एफडी स्कीम ऐसे निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प साबित हो रही है जो अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं और साथ ही बेहतर रिटर्न की उम्मीद भी रखते हैं। इस लेख में हम पोस्ट ऑफिस एफडी स्कीम 2026 से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां विस्तार से जानेंगे।
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम क्या है
पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट भारत सरकार द्वारा समर्थित एक बचत योजना है जिसे आम नागरिकों की बचत को प्रोत्साहित करने और उन्हें सुरक्षित निवेश का विकल्प देने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना के अंतर्गत निवेशक एक निश्चित समयावधि के लिए अपनी राशि जमा करते हैं और मैच्योरिटी पूरी होने पर उन्हें मूलधन के साथ तय ब्याज दर के अनुसार ब्याज का भुगतान किया जाता है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और मध्यम वर्ग के निवेशकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आती है, जिससे निवेशकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है। बैंक एफडी की तरह ही पोस्ट ऑफिस एफडी में भी निवेशकों को तय रिटर्न मिलता है, लेकिन कई बार इस योजना में मिलने वाली ब्याज दर बैंकों से बेहतर होती है। देश के हर कोने में पोस्ट ऑफिस की उपलब्धता होने के कारण यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों के लिए सुलभ है। निवेशक अपनी सुविधानुसार नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
2026 में ब्याज दर को लेकर नए अपडेट और संभावनाएं
पोस्ट ऑफिस एफडी स्कीम में ब्याज दरें समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित की जाती हैं और ये दरें आमतौर पर तिमाही आधार पर अपडेट होती हैं। साल 2026 को लेकर जो चर्चाएं और संभावित अपडेट सामने आ रहे हैं, उनके अनुसार 1 लाख रुपये की एफडी पर लगभग 8.2 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर मिलने की संभावना है। यह दर विशेष रूप से लंबी अवधि की एफडी के लिए लागू हो सकती है। हालांकि अंतिम ब्याज दर की घोषणा सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से की जाएगी।
यदि यह ब्याज दर वास्तव में लागू होती है तो यह कई प्रमुख बैंकों की एफडी योजनाओं से बेहतर साबित होगी। वर्तमान में अधिकांश बैंक 6 से 7.5 प्रतिशत के बीच ब्याज दर प्रदान कर रहे हैं, ऐसे में 8.2 प्रतिशत की दर निवेशकों के लिए काफी आकर्षक विकल्प बन जाएगी। विशेष रूप से रिटायर हो चुके लोग और वरिष्ठ नागरिक जो नियमित आय की तलाश में रहते हैं, उनके लिए यह दर काफी फायदेमंद साबित हो सकती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें और अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस से नवीनतम जानकारी प्राप्त करें।
1 लाख रुपये की एफडी पर मिलने वाला संभावित रिटर्न
यदि कोई निवेशक पोस्ट ऑफिस में 1 लाख रुपये की एफडी करता है और ब्याज दर 8.2 प्रतिशत रहती है, तो एक साल में उसे लगभग 8,200 रुपये का ब्याज मिल सकता है। यदि निवेशक 5 साल की अवधि के लिए एफडी करता है और ब्याज को पुनर्निवेशित किया जाता है, तो चक्रवृद्धि ब्याज के साथ कुल रिटर्न और भी अधिक हो सकता है। उदाहरण के तौर पर 5 साल की अवधि में 1 लाख रुपये लगभग 1.48 लाख रुपये तक हो सकते हैं।
यह रिटर्न रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की शिक्षा या शादी के लिए फंड जुटाने, या किसी भविष्य की जरूरत के लिए बचत करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी हो सकता है। इस स्कीम में जोखिम न के बराबर होने के कारण निवेशक अपने पैसे को लेकर निश्चिंत रह सकते हैं। साथ ही पोस्ट ऑफिस एफडी में प्रीमैच्योर विड्रॉल की सुविधा भी उपलब्ध है, हालांकि इस स्थिति में कुछ पेनल्टी लग सकती है। फिर भी आपातकालीन स्थिति में यह विकल्प निवेशकों के लिए राहत भरा होता है।
किन निवेशकों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है यह योजना
पोस्ट ऑफिस एफडी स्कीम विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए काफी लाभदायक मानी जाती है क्योंकि उन्हें नियमित और सुरक्षित आय की जरूरत होती है। रिटायरमेंट के बाद जब नियमित वेतन बंद हो जाता है, तब पोस्ट ऑफिस एफडी से मिलने वाला ब्याज उनके लिए आय का एक स्थिर स्रोत बन जाता है। इसके अलावा नौकरीपेशा लोग जो अपनी बचत को सुरक्षित रखना चाहते हैं, उनके लिए भी यह योजना उपयुक्त है।
छोटे व्यापारी और स्वरोजगार करने वाले लोग भी इस योजना का फायदा उठा सकते हैं। जो निवेशक शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या क्रिप्टोकरेंसी जैसे अधिक जोखिम वाले निवेश विकल्पों से दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए पोस्ट ऑफिस एफडी एक आदर्श विकल्प है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह योजना विशेष रूप से उपयोगी है क्योंकि छोटे गांवों और कस्बों में भी पोस्ट ऑफिस की पहुंच आसानी से उपलब्ध होती है, जबकि बैंकों की शाखाएं हर जगह नहीं मिलतीं।
पोस्ट ऑफिस एफडी की विभिन्न अवधियां और उनके फायदे
पोस्ट ऑफिस एफडी स्कीम में निवेशकों को कई अवधि विकल्प मिलते हैं जिनमें 1 साल, 2 साल, 3 साल और 5 साल की एफडी शामिल हैं। हर अवधि के लिए ब्याज दर अलग-अलग होती है और आमतौर पर लंबी अवधि की एफडी पर ब्याज दर अधिक मिलती है। निवेशक अपनी वित्तीय जरूरतों और लक्ष्यों के अनुसार उपयुक्त अवधि का चयन कर सकते हैं। यदि किसी को थोड़े समय बाद पैसे की जरूरत है तो वह 1 या 2 साल की एफडी चुन सकता है।
5 साल की एफडी सबसे लोकप्रिय विकल्प मानी जाती है क्योंकि इस पर न केवल अधिक ब्याज दर मिलती है बल्कि आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है। निवेशक 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। यह सुविधा 5 साल की एफडी को लंबी अवधि की बचत और टैक्स प्लानिंग दोनों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाती है। छोटी अवधि की एफडी उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जिन्हें जल्द ही पैसों की आवश्यकता हो सकती है।
बैंक एफडी की तुलना में पोस्ट ऑफिस एफडी के फायदे
बैंक एफडी और पोस्ट ऑफिस एफडी दोनों ही सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं, लेकिन कई मामलों में पोस्ट ऑफिस एफडी अधिक फायदेमंद साबित होती है। पहला और सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि पोस्ट ऑफिस एफडी पूरी तरह से सरकारी गारंटी के साथ आती है जबकि बैंक एफडी में डिपॉजिट इंश्योरेंस क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन द्वारा केवल 5 लाख रुपये तक की राशि ही सुरक्षित होती है। दूसरा, कई बार पोस्ट ऑफिस एफडी पर मिलने वाली ब्याज दर बैंकों से अधिक होती है।
तीसरा फायदा यह है कि पोस्ट ऑफिस की पहुंच देश के हर कोने में है, यहां तक कि दूरदराज के गांवों में भी पोस्ट ऑफिस मौजूद होते हैं जहां बैंक की शाखाएं नहीं होतीं। चौथा, पोस्ट ऑफिस एफडी में खाता खोलने और संचालन की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल होती है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आसानी से इसका लाभ उठा सकते हैं। बैंकों में कई बार दस्तावेजीकरण और प्रक्रिया जटिल हो सकती है। इन सभी कारणों से पोस्ट ऑफिस एफडी एक बेहतर विकल्प मानी जाती है।
पोस्ट ऑफिस में एफडी खाता कैसे खोलें
पोस्ट ऑफिस में एफडी खाता खोलने की प्रक्रिया बेहद सरल और सीधी है। सबसे पहले निवेशक को अपने नजदीकी डाकघर में जाना होता है। वहां एफडी खाता खोलने के लिए एक फॉर्म भरना होता है जिसमें निवेशक की व्यक्तिगत जानकारी, जमा राशि, अवधि और नॉमिनी की डिटेल्स भरी जाती हैं। इसके साथ कुछ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और पहचान पत्र की आवश्यकता होती है।
दस्तावेज सत्यापन के बाद निवेशक को तय राशि जमा करनी होती है जो नकद या चेक के माध्यम से की जा सकती है। खाता खुलने के बाद निवेशक को एक पासबुक दी जाती है जिसमें सभी जानकारियां दर्ज होती हैं। कुछ क्षेत्रों में अब ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके माध्यम से निवेशक घर बैठे ही एफडी खाता खोल सकते हैं। यह सुविधा खासकर शहरी क्षेत्रों में लोकप्रिय हो रही है और समय की बचत करती है। पूरी प्रक्रिया में आमतौर पर 30 से 45 मिनट का समय लगता है।
एफडी निवेश से पहले ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
पोस्ट ऑफिस एफडी में निवेश करने से पहले कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना जरूरी है। सबसे पहले निवेशक को यह समझना चाहिए कि किस अवधि की एफडी उनकी जरूरतों के अनुसार उपयुक्त होगी। यदि पैसों की जरूरत जल्द ही हो सकती है तो लंबी अवधि की एफडी से बचना चाहिए क्योंकि समय से पहले एफडी तोड़ने पर पेनल्टी लगती है और ब्याज दर में भी कटौती हो सकती है। इसलिए अपनी वित्तीय योजना के अनुसार ही निवेश की अवधि तय करनी चाहिए।
दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं, इसलिए निवेश करने से पहले वर्तमान ब्याज दर की जानकारी लेना आवश्यक है। तीसरी बात, टैक्स नियमों को समझना भी जरूरी है। एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है और यदि वार्षिक ब्याज 40,000 रुपये से अधिक है तो TDS भी काटा जाता है। हालांकि 5 साल की एफडी पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट मिलती है। चौथी बात, नॉमिनी की जानकारी सही तरीके से भरनी चाहिए ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में परिवार को परेशानी न हो।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष लाभ
पोस्ट ऑफिस एफडी स्कीम में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रावधान हैं जो इस योजना को उनके लिए और भी आकर्षक बनाते हैं। 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों को सामान्य ब्याज दर से 0.5 प्रतिशत अधिक ब्याज दर मिलती है। यानी यदि सामान्य दर 8.2 प्रतिशत है तो वरिष्ठ नागरिकों को 8.7 प्रतिशत तक ब्याज मिल सकता है। यह अतिरिक्त ब्याज उनकी रिटायरमेंट के बाद की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि करता है।
इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम का भी लाभ उठा सकते हैं जिसमें उन्हें हर महीने नियमित आय मिलती है। यह स्कीम विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए फायदेमंद है जिन्हें हर महीने खर्चों के लिए पैसों की जरूरत होती है। वरिष्ठ नागरिक पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट पर भी अधिक ब्याज दर पाने के हकदार होते हैं। इन सभी लाभों के कारण पोस्ट ऑफिस की विभिन्न योजनाएं वरिष्ठ नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
टैक्स के नियम और धारा 80C के तहत छूट
पोस्ट ऑफिस 5 वर्षीय एफडी आयकर अधिनियम की धारा 80C के अंतर्गत आती है, जिसके तहत निवेशक 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। यह सुविधा केवल 5 साल की एफडी पर ही लागू होती है, छोटी अवधि की एफडी पर यह छूट नहीं मिलती। यह टैक्स सेविंग के साथ-साथ अच्छा रिटर्न भी सुनिश्चित करता है। निवेशक अपनी कुल टैक्सेबल इनकम में से इस राशि को घटा सकते हैं जिससे उनकी टैक्स देनदारी कम हो जाती है।
हालांकि एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है और यह निवेशक की इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार निर्धारित होता है। यदि वार्षिक ब्याज 40,000 रुपये से अधिक है तो पोस्ट ऑफिस द्वारा 10 प्रतिशत TDS काटा जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है। यदि किसी निवेशक की आय टैक्सेबल लिमिट से कम है तो वह फॉर्म 15G या 15H जमा करके TDS कटौती से बच सकते हैं। टैक्स प्लानिंग के लिहाज से पोस्ट ऑफिस एफडी एक उपयोगी साधन है।
प्रीमैच्योर विड्रॉल की सुविधा और नियम
पोस्ट ऑफिस एफडी में समय से पहले पैसे निकालने की सुविधा उपलब्ध है, हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें लागू होती हैं। यदि निवेशक किसी आपातकालीन स्थिति में एफडी को मैच्योरिटी से पहले तोड़ना चाहता है तो उसे कम से कम 6 महीने तक एफडी को चलने देना होगा। 6 महीने से पहले एफडी नहीं तोड़ी जा सकती। 6 महीने के बाद लेकिन 1 साल से पहले तोड़ने पर किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं मिलता और केवल मूलधन वापस किया जाता है।
यदि एफडी 1 साल के बाद लेकिन मैच्योरिटी से पहले तोड़ी जाती है तो निवेशक को कम ब्याज दर पर ब्याज मिलता है और साथ ही 1 प्रतिशत की पेनल्टी भी लगाई जाती है। इसलिए निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे एफडी में तभी निवेश करें जब उन्हें निश्चित हो कि उस अवधि तक उन्हें पैसों की जरूरत नहीं होगी। आपात स्थिति के लिए कुछ राशि लिक्विड फंड या सेविंग्स अकाउंट में भी रखनी चाहिए ताकि एफडी को समय से पहले तोड़ने की नौबत न आए।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध
पोस्ट ऑफिस ने हाल के वर्षों में अपनी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में काफी प्रगति की है। अब कई क्षेत्रों में निवेशक ऑनलाइन माध्यम से भी पोस्ट ऑफिस एफडी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप का उपयोग किया जा सकता है। ऑनलाइन सुविधा से समय की बचत होती है और निवेशकों को बार-बार पोस्ट ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सभी जानकारियां और दस्तावेज अपलोड करके खाता खोला जा सकता है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कस्बों में अभी भी पारंपरिक ऑफलाइन तरीका अधिक लोकप्रिय है। कई लोग व्यक्तिगत रूप से पोस्ट ऑफिस जाकर कर्मचारियों से सीधे बात करना पसंद करते हैं। दोनों सुविधाएं उपलब्ध होने से निवेशकों को अपनी सुविधानुसार विकल्प चुनने की आजादी मिलती है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुरक्षा के लिए पोस्ट ऑफिस ने मजबूत सुरक्षा उपाय भी लागू किए हैं। भविष्य में और अधिक सेवाओं को डिजिटल बनाने की योजना है जिससे ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में पोस्ट ऑफिस एफडी की प्रासंगिकता
वर्तमान वैश्विक और भारतीय आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ती जा रही है। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, क्रिप्टोकरेंसी की अनिश्चितता और महंगाई की मार के बीच पोस्ट ऑफिस एफडी जैसी स्थिर योजनाएं निवेशकों को एक भरोसेमंद विकल्प प्रदान करती हैं। मध्यम वर्ग के लोग जो अपनी मेहनत की कमाई को जोखिम में नहीं डालना चाहते, उनके लिए यह योजना आदर्श है।
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीतियों और ब्याज दरों में बदलाव के बावजूद पोस्ट ऑफिस की योजनाएं अपेक्षाकृत स्थिर रहती हैं। सरकारी गारंटी होने के कारण इन योजनाओं में निवेश करना किसी भी आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सुरक्षित माना जाता है। विशेषकर कोविड-19 महामारी के बाद लोगों ने सुरक्षित निवेश की महत्ता को और अच्छे से समझा है। आने वाले समय में भी पोस्ट ऑफिस एफडी की प्रासंगिकता बनी रहेगी क्योंकि यह सामान्य निवेशकों की जरूरतों को पूरा करती है।
अन्य पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं के साथ तुलना
पोस्ट ऑफिस में एफडी के अलावा भी कई अन्य बचत योजनाएं उपलब्ध हैं जैसे पब्लिक प्रोविडेंट फंड, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट, किसान विकास पत्र, सुकन्या समृद्धि योजना और मंथली इनकम स्कीम। हर योजना की अपनी विशेषताएं और लाभ हैं। पीपीएफ लंबी अवधि के लिए बेहतर है क्योंकि इसमें पूरे निवेश और ब्याज दोनों पर टैक्स छूट मिलती है, लेकिन इसकी लॉक-इन अवधि 15 साल है। सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए विशेष रूप से बनाई गई है।
मंथली इनकम स्कीम उन लोगों के लिए उपयुक्त है जिन्हें नियमित मासिक आय चाहिए। एफडी की तुलना में ये योजनाएं अलग-अलग जरूरतों को पूरा करती हैं। एफडी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें लचीलापन अधिक है और कई अवधि विकल्प उपलब्ध हैं। साथ ही जरूरत पड़ने पर एफडी को तोड़ा भी जा सकता है, जबकि पीपीएफ में ऐसा संभव नहीं है। निवेशकों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार इन योजनाओं का मिश्रण बनाना चाहिए ताकि संतुलित पोर्टफोलियो तैयार हो सके।
भविष्य में पोस्ट ऑफिस एफडी की संभावनाएं
डिजिटल भारत अभियान के तहत पोस्ट ऑफिस अपनी सेवाओं को तेजी से आधुनिक बना रहा है। भविष्य में पोस्ट ऑफिस एफडी को पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है जिससे निवेशक घर बैठे ही सभी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग की तर्ज पर पोस्ट ऑफिस भी अपनी सेवाओं को विस्तारित कर रहा है। आने वाले समय में एफडी रिन्यूअल, ब्याज दर की जानकारी और स्टेटमेंट जैसी सभी सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध होंगी।
सरकार भी लगातार छोटी बचत योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठा रही है। यदि ब्याज दरें वास्तव में प्रतिस्पर्धी बनी रहती हैं तो पोस्ट ऑफिस एफडी बैंकों को कड़ी टक्कर दे सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन बढ़ाने में भी पोस्ट ऑफिस की अहम भूमिका है। नए उत्पादों और सेवाओं के साथ पोस्ट ऑफिस निवेशकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है। डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने पर भी काम चल रहा है जिससे युवा निवेशक भी इस ओर आकर्षित होंगे।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम से संबंधित ब्याज दरें, नियम और शर्तें समय-समय पर भारत सरकार और डाक विभाग द्वारा संशोधित की जा सकती हैं। निवेश करने से पहले कृपया अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस शाखा से संपर्क करें या आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जाकर नवीनतम और सटीक जानकारी प्राप्त करें। लेख में उल्लेखित 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर अनुमानित है और आधिकारिक घोषणा के बाद ही अंतिम दर की पुष्टि होगी। किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित रहेगा।





