PM Kisan 22th Kist: देशभर में करोड़ों किसान परिवारों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आर्थिक सहायता का एक विश्वसनीय माध्यम बन चुकी है। हर वर्ष तीन बार मिलने वाली इस आर्थिक मदद से छोटे और सीमांत किसानों को अपनी खेती और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में काफी राहत मिलती है। हाल ही में नवंबर 2025 में 21वीं किस्त की राशि सफलतापूर्वक लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। अब किसान समुदाय की निगाहें अगली किस्त यानी 22वीं किस्त पर टिकी हुई हैं। सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार भी ₹2000 की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर सिस्टम के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजी जाएगी। इस लेख में हम आपको 22वीं किस्त से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां, पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया और स्टेटस चेक करने का तरीका विस्तार से बताएंगे।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना क्या है
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी केंद्रीय योजना है जिसे देश के छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष ₹6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में बांटकर सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। हर किस्त में ₹2000 की राशि दी जाती है और ये किस्तें सामान्यतः अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च की अवधि में जारी की जाती हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि से जुड़े खर्चों में मदद करना और उनकी आय में वृद्धि करना है। इस योजना से देशभर में लगभग 11 करोड़ से अधिक किसान परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार ने इस योजना को पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल बनाया है ताकि पात्र किसानों तक समय पर लाभ पहुंच सके।
पीएम किसान 22वीं किस्त से जुड़ी मुख्य बातें
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त को लेकर किसानों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार फरवरी 2026 के दूसरे या तीसरे सप्ताह में इस किस्त को जारी करने की तैयारी कर रही है। इस बार भी पिछली किस्तों की तरह ₹2000 की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। योजना के तहत केवल वही किसान इस किस्त के पात्र होंगे जिनका पंजीकरण पोर्टल पर सक्रिय है और जिनकी ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है। बैंक खाते से आधार कार्ड का लिंक होना भी अनिवार्य है। जिन किसानों के दस्तावेजों में कोई त्रुटि या अपडेट की आवश्यकता है, उन्हें जल्द से जल्द अपनी जानकारी सही करवानी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो किसान पहले से योजना में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, नए किसानों को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना पंजीकरण करवाना होगा। यह किस्त खरीफ सीजन की तैयारी और रबी फसल के रखरखाव में किसानों के लिए बेहद मददगार साबित होगी।
पीएम किसान 22वीं किस्त से मिलने वाले लाभ और असर
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त से किसानों को कई प्रकार के फायदे मिलने की उम्मीद है। सबसे पहली बात तो यह है कि ₹2000 की यह राशि किसानों को बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में मदद करेगी। छोटे और सीमांत किसान जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, उनके लिए यह राशि बहुत बड़ा सहारा है। इस पैसे से वे अपनी फसल की गुणवत्ता बेहतर कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ा सकते हैं। दूसरा बड़ा फायदा यह है कि यह राशि सीधे बैंक खाते में आती है, जिससे बिचौलियों या भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं रहती। तीसरा, यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक है क्योंकि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें साहूकारों या महंगे ब्याज दरों पर कर्ज लेने की जरूरत कम हो जाती है। इसके अलावा, यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है क्योंकि किसान इस पैसे को स्थानीय बाजारों में खर्च करते हैं, जिससे रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलता है। किसान परिवारों की आय में वृद्धि से उनका जीवन स्तर सुधरता है और वे शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान दे पाते हैं।
पीएम किसान 22वीं किस्त के लिए पात्रता मापदंड
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त प्राप्त करने के लिए कुछ निर्धारित पात्रता शर्तें हैं जिन्हें पूरा करना आवश्यक है:
- आवेदक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है और उसके पास कृषि योग्य भूमि का स्वामित्व होना चाहिए।
- केवल छोटे और सीमांत किसान ही इस योजना के पात्र हैं, जिनके पास 2 हेक्टेयर या उससे कम कृषि भूमि है।
- जिन परिवारों का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है, संवैधानिक पद पर है, या पूर्व या वर्तमान सांसद/विधायक है, वे इस योजना के लिए अपात्र हैं।
- जो व्यक्ति आयकर दाता हैं या पेशेवर रूप से डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट आदि के रूप में कार्यरत हैं, वे भी पात्र नहीं हैं।
- लाभार्थी किसान का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए और खाता सक्रिय होना चाहिए।
- ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रक्रिया पूर्ण होनी चाहिए, बिना इसके किस्त रोक दी जाती है।
- भूमि के स्वामित्व के दस्तावेज सही और अपडेटेड होने चाहिए।
- किसान का मोबाइल नंबर बैंक खाते और आधार कार्ड दोनों से लिंक होना जरूरी है।
पीएम किसान 22वीं किस्त के लिए आवश्यक दस्तावेज
यदि आप पीएम किसान योजना में नए आवेदक हैं या अपनी जानकारी अपडेट करवाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड (यह सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए)
- बैंक खाते की पासबुक या कैंसिल चेक (खाता संख्या और IFSC कोड के लिए)
- भूमि के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज जैसे खसरा-खतौनी, जमीन की रजिस्ट्री आदि
- पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ (हाल का और स्पष्ट)
- मोबाइल नंबर (ओटीपी वेरिफिकेशन के लिए सक्रिय होना चाहिए)
- निवास प्रमाण पत्र या राशन कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
पीएम किसान 22वीं किस्त की खास बातें
22वीं किस्त में कुछ विशेष बदलाव और सुविधाएं देखने को मिल सकती हैं जो इसे पिछली किस्तों से अलग बनाती हैं। सबसे पहले, सरकार ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। अब जिन किसानों ने अपनी केवाईसी पूर्ण नहीं की है, उन्हें यह किस्त नहीं मिलेगी। इसका उद्देश्य फर्जी और डुप्लीकेट खातों को रोकना और योजना को पारदर्शी बनाना है। दूसरी खास बात यह है कि इस बार भुगतान प्रक्रिया को और तेज करने के लिए डिजिटल तकनीक का अधिक उपयोग किया जा रहा है। किसान अब मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपने स्टेटस की लाइव जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। तीसरी महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार ने राज्य सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाया है ताकि भूमि रिकॉर्ड और पात्रता की जांच में कोई देरी न हो। इसके अलावा, जिन किसानों के खाते में पिछली किस्तें किसी कारणवश नहीं आई थीं, उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए विशेष हेल्पडेस्क भी स्थापित किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र किसान को समय पर उसका हक मिले और कोई भी किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।
पीएम किसान योजना का उद्देश्य और मकसद
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को शुरू करने के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य थे। सबसे प्रमुख उद्देश्य था देश के छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाना। भारत में अधिकतर किसान छोटी जोत वाले हैं और उन्हें खेती के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पाते। फसल की बुवाई से पहले बीज, खाद, कीटनाशक आदि की व्यवस्था करने के लिए उन्हें साहूकारों या बैंकों से ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज लेना पड़ता है। इस योजना के माध्यम से सरकार किसानों को नियमित आर्थिक सहायता देकर उन्हें कर्ज के बोझ से मुक्त करना चाहती है। दूसरा उद्देश्य है किसानों की आय में वृद्धि करना। सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाए और यह योजना उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तीसरा उद्देश्य है कृषि क्षेत्र को आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाना। जब किसानों के पास पर्याप्त धन होगा, तो वे बेहतर बीज, उन्नत तकनीक और आधुनिक कृषि उपकरणों में निवेश कर सकेंगे, जिससे फसल की उत्पादकता बढ़ेगी। चौथा उद्देश्य है ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना। जब किसानों के पास पैसा आएगा, तो वे स्थानीय बाजारों में खर्च करेंगे, जिससे रोजगार और व्यापार बढ़ेगा। इस प्रकार यह योजना न केवल किसानों बल्कि पूरे ग्रामीण समाज के विकास में योगदान दे रही है।
पीएम किसान 22वीं किस्त के लिए ऑनलाइन स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी 22वीं किस्त आपके खाते में आई है या नहीं, तो आप निम्नलिखित आसान स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं:
- सबसे पहले आपको पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा।
- इसके बाद होम पेज पर आपको “Beneficiary Status” या “बेनिफिशियरी स्टेटस” का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करना होगा।
- अब फिर आपको एक नया पेज खुलेगा जहां आपसे कुछ जानकारी मांगी जाएगी।
- आप अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर या मोबाइल नंबर में से कोई एक विकल्प चुन सकते हैं और संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
- इतना सब कम्पलीट करने के बाद, आपको स्क्रीन पर दिखाई दे रहे कैप्चा कोड को सही से भरना होगा।
- कैप्चा भरने के बाद “Get Data” या “डेटा प्राप्त करें” बटन पर क्लिक करना होगा।
- अंत में आपको एक ओटीपी आएगा जो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा, उसे दर्ज करके सबमिट करना होगा।
- इतना करते ही आपकी स्क्रीन पर आपकी सभी किस्तों की पूरी जानकारी दिखाई देगी, जिसमें 22वीं किस्त का स्टेटस भी शामिल होगा।
- यहां से आप देख सकते हैं कि आपकी किस्त आपके खाते में ट्रांसफर हो चुकी है या अभी प्रक्रिया में है।
पीएम किसान 22वीं किस्त के लिए नए पंजीकरण की प्रक्रिया
यदि आप पीएम किसान योजना में नए हैं और अभी तक रजिस्टर्ड नहीं हैं, तो आप निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाकर ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं:
- सबसे पहले आपको पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर विजिट करना होगा।
- इसके बाद होम पेज पर “Farmers Corner” या “किसान कॉर्नर” सेक्शन में जाना होगा।
- अब फिर आपको “New Farmer Registration” या “नया किसान पंजीकरण” का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।
- एक नया पेज खुलेगा जहां आपसे ग्रामीण या शहरी किसान का विकल्प चुनने को कहा जाएगा, अपनी श्रेणी चुनें।
- इतना सब कम्पलीट करने के बाद, आपको अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा और कैप्चा कोड भरकर “Send OTP” पर क्लिक करना होगा।
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करके वेरीफाई करें।
- अब फिर आपको एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म दिखाई देगा जिसमें आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर आदि भरनी होगी।
- इसके बाद आपको अपनी बैंक खाते की जानकारी जैसे खाता संख्या, IFSC कोड, बैंक का नाम और शाखा की जानकारी भरनी होगी।
- अब फिर आपको अपनी भूमि से संबंधित जानकारी जैसे खसरा-खतौनी नंबर, भूमि का क्षेत्रफल आदि दर्ज करना होगा।
- इतना सब कम्पलीट करने के बाद, आपको अपने दस्तावेजों की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करनी होंगी।
- अंत में आपको सभी जानकारियों को एक बार फिर से चेक करना होगा और “Submit” बटन पर क्लिक करना होगा।
- सबमिट करने के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा जिसे आप भविष्य में अपने स्टेटस चेक करने के लिए उपयोग कर सकते हैं।
अगर 22वीं किस्त नहीं आई तो क्या करें
कई बार कुछ किसानों के खाते में किस्त नहीं आने की समस्या आती है। इसके कई कारण हो सकते हैं और हर कारण का समाधान भी उपलब्ध है। सबसे पहले आपको यह जांचना चाहिए कि आपकी ई-केवाईसी पूर्ण है या नहीं। यदि आपने अभी तक ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो जल्द से जल्द नजदीकी सीएससी सेंटर या बैंक जाकर इसे करवा लें। दूसरा महत्वपूर्ण कारण हो सकता है आपके बैंक खाते में कोई गड़बड़ी या आधार कार्ड से लिंक न होना। ऐसी स्थिति में आपको अपनी बैंक शाखा में जाकर खाते की जानकारी अपडेट करवानी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि आपका आधार नंबर खाते से सही तरीके से लिंक हो। तीसरा कारण हो सकता है भूमि रिकॉर्ड में कोई त्रुटि या अपडेट की कमी। इसके लिए आपको स्थानीय लेखपाल या तहसील कार्यालय में जाकर अपने भूमि दस्तावेजों की जांच करवानी चाहिए। चौथा कारण हो सकता है आपके नाम में स्पेलिंग की गलती या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में कोई त्रुटि। इसे भी सुधारने के लिए आप पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी एडिट कर सकते हैं या नजदीकी सीएससी सेंटर से मदद ले सकते हैं। यदि इन सभी चीजों की जांच के बाद भी समस्या बनी रहती है, तो आप पीएम किसान हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। किसान 155261 या टॉल-फ्री नंबर 1800-11-5526 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा आप ईमेल के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं, जिसके लिए pmkisan-ict@gov.in पर संपर्क किया जा सकता है। सरकार ने किसानों की समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए राज्य स्तर पर भी हेल्पडेस्क स्थापित किए हैं जहां जाकर किसान अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
पीएम किसान योजना में ई-केवाईसी की महत्वपूर्णता
पीएम किसान योजना में ई-केवाईसी एक अत्यंत आवश्यक प्रक्रिया है जिसके बिना किसी भी किसान को किस्त नहीं मिल सकती। सरकार ने यह नियम इसलिए लागू किया है ताकि फर्जी और डुप्लीकेट लाभार्थियों को रोका जा सके और योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र किसानों तक पहुंचे। ई-केवाईसी के माध्यम से किसान की पहचान का डिजिटल सत्यापन किया जाता है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि एक ही किसान को एक बार ही लाभ मिले। यदि आपने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है, तो आप दो तरीकों से यह कर सकते हैं। पहला तरीका है ओटीपी बेस्ड ई-केवाईसी, जिसमें आप पीएम किसान वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज करते हैं और अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी को वेरीफाई करते हैं। दूसरा तरीका है बायोमेट्रिक ई-केवाईसी, जिसके लिए आपको नजदीकी सीएससी सेंटर या बैंक शाखा में जाना होता है जहां आपके बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन) के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। यह प्रक्रिया बेहद सरल है और केवल कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है। ई-केवाईसी करवाने के बाद आपकी स्थिति “eKYC Done” दिखने लगती है और आप अगली किस्त के लिए पात्र हो जाते हैं। यदि किसी कारणवश आपकी ई-केवाईसी रिजेक्ट हो जाती है, तो आप दोबारा प्रयास कर सकते हैं या संबंधित अधिकारियों से संपर्क करके इसका समाधान प्राप्त कर सकते हैं।
पीएम किसान योजना में होने वाली सामान्य गलतियां और उनसे बचाव
कई किसान पीएम किसान योजना में आवेदन करते समय या अपनी जानकारी अपडेट करते समय कुछ सामान्य गलतियां कर देते हैं जिनके कारण उनकी किस्त रुक जाती है या रिजेक्ट हो जाती है। पहली सबसे आम गलती है बैंक खाते की गलत जानकारी भरना। कई बार किसान खाता संख्या या IFSC कोड गलत दर्ज कर देते हैं, जिससे राशि का ट्रांसफर नहीं हो पाता। इससे बचने के लिए हमेशा अपनी बैंक पासबुक या कैंसिल चेक से जानकारी मिलाकर ही भरें। दूसरी गलती है आधार कार्ड और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग में अंतर होना। यदि दोनों में नाम में थोड़ा भी अंतर है, तो सिस्टम इसे रिजेक्ट कर सकता है। इसलिए सुनिश्चित करें कि दोनों जगह नाम बिल्कुल एक जैसा हो। तीसरी गलती है भूमि रिकॉर्ड में पुरानी या गलत जानकारी दर्ज होना। कई बार खसरा-खतौनी में किसान के पिता या दादा का नाम होता है जबकि वर्तमान में किसान खुद खेती करता है। ऐसी स्थिति में भूमि का म्यूटेशन करवाकर अपने नाम पर करवाना जरूरी है। चौथी गलती है मोबाइल नंबर का सही से रजिस्टर्ड न होना या बंद हो जाना। ओटीपी वेरिफिकेशन के लिए सक्रिय मोबाइल नंबर होना बेहद जरूरी है। पांचवी गलती है एक से अधिक सदस्यों का एक ही परिवार से रजिस्ट्रेशन करवाना। योजना के नियमों के अनुसार एक परिवार से केवल एक ही किसान को लाभ मिल सकता है। इन सभी गलतियों से बचने के लिए आवेदन करते समय सावधानी बरतें और सभी दस्तावेजों को ध्यान से जांच लें।
पीएम किसान योजना से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसानों के मन में पीएम किसान योजना को लेकर कई सवाल होते हैं। सबसे आम सवाल है कि क्या किराए की जमीन पर खेती करने वाले किसान इस योजना के पात्र हैं? इसका जवाब है नहीं, क्योंकि यह योजना केवल उन्हीं किसानों के लिए है जिनके नाम पर जमीन का मालिकाना हक है। दूसरा सवाल है कि क्या महिला किसान इस योजना का लाभ ले सकती हैं? जवाब है हां, बशर्ते उनके नाम पर कृषि भूमि हो। तीसरा सवाल है कि यदि किसी किसान के पास 3 हेक्टेयर जमीन है तो क्या वह पात्र है? नहीं, क्योंकि योजना केवल 2 हेक्टेयर तक की जमीन वाले किसानों के लिए है। चौथा सवाल है कि क्या एक परिवार के दो सदस्यों को योजना का लाभ मिल सकता है? नहीं, एक परिवार में केवल एक ही सदस्य को लाभ मिल सकता है। पांचवा सवाल है कि यदि किस्त नहीं आई तो कितने दिनों में शिकायत का समाधान होता है? आमतौर पर 15-30 दिनों में शिकायत का समाधान हो जाता है। छठा सवाल है कि क्या NRI किसान इस योजना के पात्र हैं? नहीं, केवल भारतीय नागरिक ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है और इसमें दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों से एकत्रित की गई है। पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त की सटीक तारीख और अन्य विवरण सरकारी घोषणा के अधीन हैं। हम पाठकों को सलाह देते हैं कि वे किसी भी कदम उठाने से पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर नवीनतम जानकारी प्राप्त करें या संबंधित सरकारी विभाग से संपर्क करें। इस लेख में दी गई जानकारी की सटीकता और पूर्णता के लिए हम कोई गारंटी नहीं देते हैं। योजना से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए आधिकारिक स्रोतों और सरकारी अधिसूचनाओं को प्राथमिकता दें। यदि आपको किसी प्रकार की समस्या या संदेह है, तो कृपया पीएम किसान हेल्पलाइन या संबंधित अधिकारियों से परामर्श लें।





