Land Registry Update 2026: भारत में जमीन की खरीद-बिक्री हमेशा से एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया मानी जाती रही है। अब इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार 117 साल पुराने ‘रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1908’ को हटाकर नई डिजिटल भूमि रजिस्ट्री प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। Land Registry Update 2026 के तहत रजिस्ट्री, म्यूटेशन और मालिकाना रिकॉर्ड को पूरी तरह आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। यह कदम डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती देगा और जमीन से जुड़े विवादों को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
Land Registry Update 2026 क्या है / क्या बदलाव हुआ है
Land Registry Update 2026 के तहत ब्रिटिश काल का पुराना रजिस्ट्रेशन कानून बदला जाएगा और उसकी जगह डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली लाई जाएगी। अभी तक जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया कागजी दस्तावेजों और स्थानीय दफ्तरों पर निर्भर रही है, जिससे देरी और विवाद की स्थिति बनती थी। नए सिस्टम में हर जमीन को एक यूनिक आईडी दी जाएगी और उसका पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाएगा। इससे संपत्ति के लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी।
Land Registry Update 2026 से जुड़ी मुख्य बातें
नई भूमि रजिस्ट्री व्यवस्था में रजिस्ट्री और म्यूटेशन की प्रक्रिया को एकीकृत किया जाएगा ताकि लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, ई-साइन और वीडियो वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से लागू की जा सकती हैं। जमीन का पूरा इतिहास डिजिटल रिकॉर्ड में उपलब्ध रहेगा, जिससे खरीदार तुरंत जांच कर सकेगा कि संपत्ति विवादमुक्त है या नहीं। बायोमेट्रिक सत्यापन और सुरक्षित डेटा स्टोरेज से दस्तावेजों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता आएगी।
Land Registry Update 2026 से मिलने वाले लाभ और असर
इस बदलाव का सीधा असर आम नागरिकों, किसानों और प्रॉपर्टी खरीदारों पर पड़ेगा। लंबी कतारों और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी, जिससे समय और धन दोनों की बचत होगी। स्पष्ट मालिकाना हक मिलने से जमीन विवादों में कमी आ सकती है। रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश का माहौल बेहतर होगा क्योंकि रिकॉर्ड की जांच आसान होगी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल साक्षरता की कमी शुरुआती चुनौती बन सकती है, इसलिए सरकार को प्रशिक्षण और सहायता केंद्रों पर विशेष ध्यान देना होगा।
Land Registry Update 2026 की खास बातें
नई प्रणाली की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह डिजिटल और केंद्रीकृत होगी। हर जमीन का डेटा सुरक्षित सर्वर पर संग्रहीत रहेगा और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध होगा। भविष्य में ब्लॉकचेन तकनीक के उपयोग की संभावना भी जताई जा रही है, जिससे हर लेन-देन का रिकॉर्ड स्थायी और छेड़छाड़ से सुरक्षित रहेगा। इससे पारंपरिक कागजी प्रक्रिया की जगह आधुनिक, पारदर्शी और भरोसेमंद प्रणाली विकसित होगी, जो भारत के प्रॉपर्टी बाजार को नई दिशा दे सकती है।
Land Registry Update 2026 का उद्देश्य और मकसद
सरकार का मुख्य उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और संपत्ति के लेन-देन को सरल बनाना है। डिजिटल रजिस्ट्री से भ्रष्टाचार और फर्जी दस्तावेजों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कदम Ease of Doing Business को बेहतर करेगा और निवेशकों का विश्वास मजबूत करेगा। पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड प्रणाली से न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या घट सकती है। कुल मिलाकर, यह सुधार आधुनिक और सशक्त भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। Land Registry Update 2026 से संबंधित आधिकारिक नियम, तिथि और प्रक्रियाएं समय-समय पर बदल सकती हैं। किसी भी कानूनी या वित्तीय निर्णय से पहले संबंधित सरकारी विभाग या आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि अवश्य करें।

