केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत, 4% बढ़ा महंगाई भत्ता DA Hike

By: Olivia

On: February 12, 2026 9:00 PM

DA Hike

DA Hike: महंगाई के इस दौर में जब रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें आसमान छू रही हैं, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance (DA) और महंगाई राहत यानी Dearness Relief (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। यह वृद्धि 1 जुलाई 2024 से लागू मानी जाएगी, जिसका अर्थ है कि लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को जुलाई से लेकर अब तक का पूरा बकाया भी एकमुश्त मिलेगा। यह निर्णय लगभग 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। बढ़ती महंगाई के बीच यह कदम सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। दिसंबर 2025 तक अधिकतर लाभार्थियों के बैंक खातों में यह राशि पहुंचाई जा चुकी है।

DA और DR में वृद्धि क्या है और क्या बदलाव हुआ है

महंगाई भत्ता यानी Dearness Allowance एक ऐसी सुविधा है जो केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए देती है। यह भत्ता मूल वेतन के ऊपर अलग से दिया जाता है और इसकी गणना अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। वहीं, Dearness Relief सेवानिवृत्त कर्मचारियों यानी पेंशनधारकों को दी जाने वाली समान सुविधा है जो उनकी मूल पेंशन के अतिरिक्त प्रदान की जाती है। अब तक केंद्रीय कर्मचारियों को जो DA मिल रहा था, उसमें 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर बेसिक सैलरी पर लागू होती है, जिससे हर महीने की आय में स्पष्ट इजाफा होता है। इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों को भी समान रूप से लाभ मिलता है। जुलाई 2024 से इसे लागू माना गया है, इसलिए पिछले कई महीनों का संचित बकाया भी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को एकमुश्त दिया जा रहा है।

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DA और DR वृद्धि से जुड़ी मुख्य बातें

इस महंगाई भत्ता वृद्धि से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य हैं जिन्हें प्रत्येक लाभार्थी को समझना आवश्यक है। पहली महत्वपूर्ण बात यह है कि यह 3 प्रतिशत की वृद्धि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर समान रूप से लागू होती है, चाहे वे किसी भी विभाग या पद पर हों। दूसरी अहम बात यह है कि इस वृद्धि की गणना मूल वेतन या मूल पेंशन के आधार पर की जाती है, न कि कुल वेतन पर। तीसरी विशेषता यह है कि इस DA/DR की समीक्षा वर्ष में दो बार – जनवरी और जुलाई में – होती है, जो यह सुनिश्चित करता है कि महंगाई के अनुरूप समय पर संशोधन हो सके। चौथी महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि इस वृद्धि का लाभ केवल नियमित कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि संविदा आधार पर काम करने वाले कुछ श्रेणी के कर्मचारियों को भी मिल सकता है। पांचवीं बात यह है कि DA/DR की गणना के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) का उपयोग किया जाता है, जो एक पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीका है। छठी विशेष बात यह है कि इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन सरकार ने कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।

DA और DR वृद्धि से मिलने वाले लाभ और असर

महंगाई भत्ते में हुई इस वृद्धि से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कई प्रकार के लाभ मिलेंगे। सबसे पहला और सीधा लाभ यह है कि हर महीने की आय में इजाफा होगा, जिससे परिवार का मासिक बजट बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है, तो 3 प्रतिशत DA बढ़ने से उसे हर महीने 1,500 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। दूसरा बड़ा फायदा बकाये के रूप में मिलने वाली एकमुश्त राशि है, जो जुलाई 2024 से लेकर घोषणा तक का होगा। यह राशि कई महीनों की हो सकती है और इससे कर्मचारी अपने बड़े खर्चों को पूरा कर सकते हैं। तीसरा लाभ यह है कि बढ़ती महंगाई के दौर में जब खाद्य पदार्थ, ईंधन, बिजली, पानी और शिक्षा के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, यह अतिरिक्त आय परिवार की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद करेगी। चौथा फायदा पेंशनभोगियों को होगा जो रिटायरमेंट के बाद सीमित आय पर निर्भर रहते हैं – उनके लिए यह वृद्धि दवाइयों और इलाज के बढ़ते खर्च को संभालने में सहायक होगी। पांचवां प्रभाव यह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आय बढ़ने से बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और व्यापार-रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। छठा असर यह है कि यह निर्णय अन्य राज्य सरकारों को भी अपने कर्मचारियों के लिए समान कदम उठाने के लिए प्रेरित कर सकता है।

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DA और DR वृद्धि के लिए पात्रता मापदंड

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की वृद्धि का लाभ लेने के लिए कुछ बुनियादी पात्रता मानदंड हैं:

  • आवेदक केंद्र सरकार का नियमित या स्थायी कर्मचारी होना चाहिए, जो 7वें वेतन आयोग के अंतर्गत आता हो।
  • सेवानिवृत्त कर्मचारी जो केंद्र सरकार से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, वे स्वतः ही DR वृद्धि के पात्र हैं।
  • कर्मचारी की सेवा में कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए जो वेतन या भत्ते को प्रभावित करती हो।
  • पेंशनभोगियों के लिए, उनका पेंशन खाता सक्रिय और अपडेट होना चाहिए तथा सभी केवाईसी औपचारिकताएं पूरी होनी चाहिए।
  • संविदा कर्मचारियों के लिए पात्रता उनके अनुबंध की शर्तों और विभाग की नीतियों पर निर्भर करती है।
  • कर्मचारी का वेतन खाता आधार से लिंक होना चाहिए और बैंक खाता सक्रिय स्थिति में होना चाहिए।

DA और DR प्राप्त करने के लिए आवश्यक दस्तावेज

हालांकि DA और DR वृद्धि स्वतः ही लागू हो जाती है, लेकिन कुछ स्थितियों में निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है:

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  • कर्मचारी पहचान पत्र या सेवा पुस्तिका जो यह प्रमाणित करती हो कि आप केंद्र सरकार के कर्मचारी हैं।
  • नवीनतम वेतन पर्ची जिसमें आपका मूल वेतन और वर्तमान DA दर्ज हो, किसी विसंगति की स्थिति में इसकी आवश्यकता होगी।
  • पेंशनभोगियों के लिए पेंशन भुगतान आदेश (PPO) और नवीनतम पेंशन स्लिप।
  • बैंक खाता विवरण या पासबुक जो यह दर्शाती हो कि वेतन या पेंशन किस खाते में आ रही है।
  • आधार कार्ड जो आपके बैंक खाते और विभागीय रिकॉर्ड से लिंक हो।
  • पैन कार्ड, विशेष रूप से टैक्स संबंधी गणना के लिए जब बकाया राशि अधिक हो।
  • यदि बकाया प्राप्त नहीं हुआ है तो विभाग को दिया गया आवेदन या शिकायत पत्र की प्रति।

DA और DR वृद्धि की खास बातें

इस बार की महंगाई भत्ता वृद्धि में कुछ विशेष पहलू हैं जो इसे पिछली वृद्धियों से अलग बनाते हैं। पहली खास बात यह है कि इस बार 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कुल DA दर एक महत्वपूर्ण स्तर पर पहुंच गई है, जो कर्मचारियों के लिए एक मजबूत वित्तीय सहारा है। दूसरी विशेषता यह है कि कोविड-19 महामारी के बाद यह एक लगातार और नियमित वृद्धि है, जो दर्शाता है कि सरकार कर्मचारी कल्याण पर ध्यान दे रही है। तीसरी खास बात यह है कि इस वृद्धि के साथ बकाये का भुगतान भी तेजी से किया जा रहा है, जो पहले कभी-कभी देरी से होता था। चौथी विशेषता यह है कि इस बार की DA वृद्धि महंगाई के वास्तविक आंकड़ों पर आधारित है और AICPI के अनुसार पूरी तरह से न्यायसंगत है। पांचवीं खास बात यह है कि यह वृद्धि न केवल वेतनभोगी कर्मचारियों को बल्कि विधवा पेंशनभोगियों और परिवार पेंशन प्राप्त करने वालों को भी समान रूप से मिल रही है। छठी विशेषता यह है कि इस वृद्धि की घोषणा के साथ सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाएगी। सातवीं खास बात यह है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली के कारण अधिकतर कर्मचारियों को समय पर राशि मिल रही है।

DA और DR वृद्धि का उद्देश्य और मकसद

केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में वृद्धि करने के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं। सबसे प्रमुख उद्देश्य यह है कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई के दौर में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति को बनाए रखा जाए, ताकि उनका जीवन स्तर प्रभावित न हो। दूसरा महत्वपूर्ण मकसद यह है कि जिन लोगों ने देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है, उनके प्रति सरकार की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाया जाए। तीसरा उद्देश्य यह है कि कर्मचारियों में संतुष्टि और प्रेरणा बनी रहे, जिससे वे अपने कर्तव्यों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकें। चौथा लक्ष्य यह है कि पेंशनभोगी, जो अपनी सेवा के वर्षों के बाद सीमित आय पर निर्भर हैं, उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सम्मान का अनुभव हो। पांचवां मकसद यह है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आय बढ़ने से उपभोग में वृद्धि होगी, जो अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देगी और बाजार में मांग बढ़ाएगी। छठा उद्देश्य यह है कि सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी नीतियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत किया जाए। सातवां लक्ष्य यह है कि एक पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से महंगाई के प्रभाव को मापा जाए और उसके अनुरूप समय पर कदम उठाए जाएं।

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DA और DR की गणना कैसे की जाती है

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की गणना एक निश्चित और पारदर्शी फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। इसके लिए सबसे पहले अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (All India Consumer Price Index – AICPI) के आंकड़े लिए जाते हैं, जो श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने जारी किए जाते हैं। DA की गणना के लिए पिछले 12 महीनों के AICPI के औसत को आधार वर्ष 2001 के सूचकांक से तुलना की जाती है। इसके बाद एक निश्चित फॉर्मूला लागू किया जाता है: DA प्रतिशत = [(पिछले 12 महीनों का औसत AICPI – 261.42) / 261.42] × 100। यहां 261.42 आधार वर्ष 2001 का सूचकांक मान है। यह गणना साल में दो बार – जनवरी और जुलाई में – की जाती है। जनवरी में होने वाली समीक्षा के लिए पिछले साल के जुलाई से दिसंबर तक के AICPI आंकड़ों का उपयोग किया जाता है, और जुलाई की समीक्षा के लिए जनवरी से जून के आंकड़े लिए जाते हैं। जो भी प्रतिशत निकलता है, वह मूल वेतन या मूल पेंशन पर लागू किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से स्वचालित और वैज्ञानिक है, जिससे किसी प्रकार की मनमानी या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती।

DA वृद्धि से वेतन में होने वाला इजाफा

महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि से विभिन्न स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में अलग-अलग मात्रा में इजाफा होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 30,000 रुपये है, तो 3 प्रतिशत DA बढ़ने से उसे हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। यदि मूल वेतन 50,000 रुपये है, तो मासिक इजाफा 1,500 रुपये होगा। 70,000 रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 2,100 रुपये प्रति माह अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं, उच्च अधिकारियों जिनका मूल वेतन 1 लाख रुपये या उससे अधिक है, उन्हें 3,000 रुपये या उससे अधिक का मासिक लाभ होगा। सालाना आधार पर देखें तो 50,000 रुपये मूल वेतन वाले कर्मचारी को 18,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसके अलावा, जुलाई 2024 से लेकर अब तक का बकाया भी मिलेगा, जो 6 से 7 महीनों का हो सकता है। इस प्रकार, बकाये की राशि भी काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। यह इजाफा सीधे बैंक खाते में आता है और इस पर आयकर नियमों के अनुसार टैक्स की गणना की जाती है।

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पेंशनभोगियों को मिलने वाला लाभ

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई राहत (DR) के रूप में समान 3 प्रतिशत की वृद्धि मिलेगी, जो उनकी मूल पेंशन पर लागू होगी। यदि किसी पेंशनभोगी की मूल पेंशन 20,000 रुपये है, तो उन्हें हर महीने 600 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। 30,000 रुपये मूल पेंशन पर 900 रुपये और 50,000 रुपये पर 1,500 रुपये प्रति माह का इजाफा होगा। रिटायरमेंट के बाद जब आय का स्रोत सीमित हो जाता है, तब यह अतिरिक्त राशि बहुत महत्वपूर्ण होती है। खासतौर पर जब दवाइयों, इलाज और रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ रहे हों। पेंशनभोगियों को भी जुलाई 2024 से लेकर अब तक का बकाया एकमुश्त मिलेगा। यह राशि उनके लिए त्योहारों के खर्च, परिवार की मदद या किसी आपातकालीन स्थिति में बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। विधवा पेंशनभोगी और परिवार पेंशन प्राप्त करने वाले सदस्यों को भी इसी अनुपात में लाभ मिलेगा। यह सरकार की ओर से बुजुर्गों और सेवानिवृत्त लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सम्मान का प्रतीक है।

बकाया भुगतान और उसका महत्व

चूंकि DA और DR की वृद्धि 1 जुलाई 2024 से प्रभावी मानी गई है और इसकी घोषणा कुछ महीनों बाद हुई, इसलिए सभी पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इस बीच के महीनों का पूरा बकाया एकमुश्त दिया जा रहा है। यदि घोषणा दिसंबर 2024 में हुई है, तो जुलाई से दिसंबर तक के 6 महीनों का बकाया मिलेगा। यह बकाया राशि काफी महत्वपूर्ण हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी को 1,500 रुपये प्रति माह अतिरिक्त मिल रहा है, तो 6 महीने का बकाया 9,000 रुपये होगा। यह राशि त्योहारों की खरीदारी, बच्चों की स्कूल फीस, घर की मरम्मत, कर्ज चुकाने या किसी आपातकालीन खर्च में बेहद उपयोगी साबित होती है। अधिकांश लाभार्थियों के बैंक खातों में दिसंबर 2025 तक यह राशि पहुंचा दी गई है। यदि किसी को अभी तक बकाया नहीं मिला है, तो उन्हें अपने विभाग के वेतन अनुभाग या लेखा कार्यालय से तुरंत संपर्क करना चाहिए। बकाये का भुगतान आमतौर पर सैलरी या पेंशन के साथ ही होता है, लेकिन कभी-कभी अलग से भी किया जा सकता है।

DA वृद्धि का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

महंगाई भत्ते में वृद्धि का प्रभाव केवल व्यक्तिगत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक सकारात्मक असर पड़ता है। जब लगभग 49 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों की आय बढ़ती है, तो इसका सीधा मतलब है कि बाजार में करोड़ों रुपये की अतिरिक्त क्रय शक्ति आ जाती है। यह बढ़ी हुई क्रय शक्ति उपभोक्ता वस्तुओं की मांग को बढ़ाती है, जिससे व्यापार और उद्योग को फायदा होता है। जब मांग बढ़ती है तो उत्पादन बढ़ता है, जिससे नए रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। खुदरा व्यापार, रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विशेष रूप से तेजी आती है। इसके अलावा, जब सरकारी कर्मचारियों की आय बढ़ती है तो उनकी बचत भी बढ़ती है, जो बैंकिंग प्रणाली में जमा होती है और आगे निवेश के लिए उपलब्ध होती है। यह एक सकारात्मक आर्थिक चक्र बनाता है। GST और अन्य अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होती है।

कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

DA और DR वृद्धि का पूरा लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, अपनी नवीनतम वेतन पर्ची या पेंशन स्लिप को ध्यान से देखें और सुनिश्चित करें कि नई DA/DR दर सही तरीके से लागू की गई है। यदि कोई विसंगति या त्रुटि दिखाई दे तो तुरंत अपने विभाग के वेतन अनुभाग या लेखा कार्यालय से संपर्क करें। दूसरे, बकाये की राशि की जांच करें और गणना करें कि आपको कितना मिलना चाहिए था। यदि कम राशि मिली है तो लिखित में शिकायत दर्ज करें। तीसरे, अपने बैंक खाते को नियमित रूप से चेक करते रहें और सुनिश्चित करें कि खाता सक्रिय है तथा आधार से लिंक है। चौथे, DA/DR वृद्धि के बाद आपकी कुल आय बढ़ जाती है, इसलिए आयकर की गणना में भी बदलाव हो सकता है – इसे समझें और जरूरत पड़ने पर टैक्स प्लानिंग करें। पांचवें, भविष्य के लिए बचत की योजना बनाएं और बढ़ी हुई आय का एक हिस्सा निवेश में लगाएं। छठे, सरकारी अधिसूचनाओं और विभागीय नोटिस पर नजर रखें ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी वृद्धि की जानकारी समय पर मिल सके।

Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी फरवरी 2026 तक उपलब्ध सूचनाओं और सरकारी घोषणाओं पर आधारित है। महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की दरें, बकाया राशि, लागू होने की तारीखें और गणना का तरीका समय-समय पर बदल सकता है और यह पूरी तरह से सरकारी अधिसूचनाओं पर निर्भर करता है। विभिन्न श्रेणी के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नियम और शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए, किसी भी निर्णय या कार्रवाई से पहले कृपया अपने विभाग की आधिकारिक अधिसूचना, वित्त मंत्रालय की वेबसाइट या अपने लेखा कार्यालय से पुष्टि अवश्य करें। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी की सटीकता या पूर्णता के लिए कोई जिम्मेदारी नहीं लेते। यह लेख किसी भी प्रकार की वित्तीय या कानूनी सलाह नहीं है। व्यक्तिगत परिस्थितियों के लिए कृपया संबंधित विशेषज्ञ या विभागीय अधिकारी से परामर्श लें।

Olivia Grace is a writer and editor at a leading news website. She covers government schemes, latest news, technology, and automobiles. Known for her clear and reliable writing, she focuses on delivering accurate and easy-to-understand information to readers.

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